गोविंदाचार्य भी उतरे मैदान में————

  • 21 प्रांतों के 5 से अधिक शहरो में 100 से अधिक स्थानों पर जलाएँगे चीनी उत्पादों की होली।
  • शुरूआत 9 अगस्त, नागपुर से 6 सितम्बर तक चलेगा सघन अभियान।

 

भूटान के डोकलाम में चीन के साथ बढ़ती तनातनी और चीन के विस्तार वादी बाहुबली की तरह के व्यवहार के बीचोबीच राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन के संस्थापक प्रख्यात राष्ट्वादी और प्रकृतिवादी चिंतक आदरणीय कें. एन. गोविंदाचार्य लंबे अर्से के बाद एक आंदोलनकारी की भूमिका में 9 अगस्त, नागपुर में नजर आएँगे।

उनके द्वारा स्थापित संगठन राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन ने से नो टू चाइनाबी भारतीय बाइ भारतीय नाम से राष्ट्रव्यापी अभियान प्रारंभ किया है। इसके तहत देश के 21 प्रांतों के 5० से अधिक शहरो में 100 से अधिक स्थानों पर चीन के चरित्र और चीनी उत्पादों के बहिष्कार के लिए आम जनता को जागरूक किया जाएगा साथ ही किसी सार्वजनिक स्थान पर चीनी उत्पादों की होली भी जलाई जाएगी।

1942 के भारत छोड़ो आंदोलन की पचहत्तरवीं वर्षगाँठ के अवसर पर राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन के संस्थापक गोविंदाचार्य के नेतृत्व में इस अभियान की शुरुआत 9 अगस्त को नागपुर से होगी। इस अवसर पर, स्वाभिमान आंदोलन, नागपुर इकाई के संयोकत्व में स्वाभिमान संवाद, स्वाभिमान मार्च और स्वाभिमान सभा का आयोजन किया जाएगा सभा के अंत में चीनी उत्पादों की होली जलाई जाएगी।

गोविंदाचार्य ने कहा कि यह कार्यक्रम, राष्ट्र के स्वाभिमान और संकल्प दोनों को पुष्ट करेगा। इतिहास में ऐसे अवसर देश के राष्ट्रीय स्वाभिमान और राष्ट्रीय संकल्प की परीक्षा के लिए आते हैं। हम सब को इस परीक्षा में पास होने के लिए तैयार रहना चाहिए।

इस कार्यक्रम में सहभागी रहने के लिए राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन की अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ता हर कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे। राष्ट्रीय संयोजक – पवन श्रीवास्तव, संगठन मंत्री – बसवराज पाटिल, सह संयोजक – राज्यश्री चौधरी, राष्ट्रीय मंत्री – प्रदीप नागपुरकर, युवा नेता – अभिमन्यु कोहाड़ के नेतृत्व में टीम का गठन हुआ है, जो स्थानों का दौरा करेगी।

कार्यक्रम समन्वयक संजय शर्मा ने बताया कि स्थानों और तीथियों की घोषणा शीघ्र ही कर दी जाएगी।

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