भारतीय शिल्प संस्कृति उपेक्षित हो रहा है – वेदान्ताचार्य स्वामी शिवात्मानंद महाराज

भारतीय शिल्प संस्कृति उपेक्षित हो रहा है – वेदान्ताचार्य स्वामी शिवात्मानंद महाराज

जिस भारतवर्ष को शिल्पकला मिला है, जी कला से मंदिर,  मोनुमेंट्स, जैसे बने है उस शिल्पकला को उस तरह से कदर नही मिल रहा है। सरकार को देखना चाहिए की यह भारतीय संस्कृति कैसे भी हो इनका बहुत अच्छे स्तर पर प्रगति होने चाहिए। जिस विश्वकर्मा समुदाय ने इस संस्कृति को आगे बड़ा रहे है उन समुदाय को मान सम्मान उस तरह से बिलकुल नही मिल रहे है जितना मिलना चाहिए। इतिहास की चर्चा करते हुए स्वामी शिवात्मानंद जी ने बताया की पुरातन समय में राजा अपने राज्य में शिल्पकारो…

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डॉ परमानन्द की सलाह, ज्योतिषशास्त्र के अनुसार नौ आदते आपके जीवन में अवश्य होनी चाहिये –

डॉ परमानन्द की सलाह, ज्योतिषशास्त्र के अनुसार नौ आदते आपके जीवन में अवश्य होनी चाहिये –

१) अगर आपको कहीं पर भी थूकने की आदत है तो यह निश्चित है कि आपको यश, सम्मान अगर मुश्किल से मिल भी जाता है तो कभी टिकेगा ही नहीं . wash basin में ही यह काम कर आया करें ! यश,मान-सम्मान में अभिवृध्दि होगी। २) जिन लोगों को अपनी जूठी थाली या बर्तन वहीं उसी जगह पर छोड़ने की आदत होती है उनको सफलता कभी भी स्थायी रूप से नहीं मिलती.! बहुत मेहनत करनी पड़ती है और ऐसे लोग अच्छा नाम नहीं कमा पाते.! अगर आप अपने जूठे बर्तनों…

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गोउ माता की रक्षा करना सरकार की कर्त्तव्य और दायित्व है: वेदा वेदान्ताचार्य स्वामी शिवात्मनंद

गोउ माता की रक्षा करना सरकार की कर्त्तव्य और दायित्व है: वेदा वेदान्ताचार्य स्वामी शिवात्मनंद

भारतवर्ष में हमे जो स्वतंत्र मिला है उसको आज कुछ लोग स्वेच्छाचार समझकर बहुत ही घिनौती काम करने लगे है। स्वतंत्र होना अच्छा है मगर स्वेच्छाचारी होना कानून के विरुद्ध है। “केरल में जो लोग गोउ माता की सबके सामने हत्या की है वोह बहुत ही निंदनीय है, यह आपने देश का परम्परा और संस्कृति को समग्र विश्व के सामने झुका दिया है“ – स्वामी शिवात्मनंद जी ने बताया । वेद में गोउ को माता के स्वरूप से बताया गया है । कैसे कोई इंसान आपने माता को ऐसे हत्या…

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परमहंस दाती जी महाराज और श्रीमती वसुंधरा राजे के बीच धर्म,संस्कृति, शिक्षा, स्वास्थ्य, ज्ञान, विज्ञान एंव योगदान पर चर्चा हुई

परमहंस दाती जी महाराज और श्रीमती वसुंधरा राजे के बीच धर्म,संस्कृति, शिक्षा, स्वास्थ्य, ज्ञान, विज्ञान एंव योगदान पर चर्चा हुई

श्री सिद्ध शक्तिपीठ शनिधाम पीठाधीश्वर सद्गुरू शनिचरणानुरागी श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर परम पूज्य दाती जी महाराज ने मंगलवार को राजस्थान की माननीया मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया से मुलाकात की। जयपुर में हुई इस मुलाकात के दौरान परमहंस दाती जी महाराज और श्रीमती वसुंधरा राजे के बीच धर्म,संस्कृति, शिक्षा, स्वास्थ्य, ज्ञान, विज्ञान एंव योगदान जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों के बीच हुई इस मुलाकात के दौरान प्रदेश के बहु-प्रतिक्षित योजना मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के अंतर्गत राज्यभर में किए जा रहे कार्यों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। दाती महाराज…

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गौहत्या व सरेआम बीफ पार्टी पर सोनिया गांधी मांगें माफी : डा सुरेन्द्र जैन

गौहत्या व सरेआम बीफ पार्टी पर सोनिया गांधी मांगें माफी : डा सुरेन्द्र जैन

नई दिल्ली। मई 29, 2017. पशुओं के विरुद्ध क्रूरता को रोकने के लिए केंद्र सरकार द्वारा जारी नोटीफिकेशन के विरुद्ध सीपीएम तथा काँग्रेस द्वारा की गई प्रतिक्रिया अमानवीय, संवेदनशून्य तथा बर्बरता पूर्ण है. काँग्रेस व सीपीएम द्वारा सरेआम गौमांस भोज का आयोजन किए जाने तथा गौमाता का कटा सिर हाथ में लेकर प्रदर्शन किए जाने पर विश्व हिन्दू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय संयुक्त महा मंत्री डा सुरेन्द्र जैन ने काँग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी तथा राहुल गांधी से माफी माँगने अन्यथा हिन्दू जनमानस के आक्रोश को झेलने के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी है. एक…

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विश्व की धातु की सबसे बड़ी शिव प्रतिमा स्थापित होगी डासना के प्राचीन देवी मंदिर में-यति नरसिंहानन्द सरस्वती जी महाराज

विश्व की धातु की सबसे बड़ी शिव प्रतिमा स्थापित होगी डासना के प्राचीन देवी मंदिर में-यति नरसिंहानन्द सरस्वती जी महाराज

अखिल भारतीय संत परिषद के राष्ट्रीय संयोजक यति नरसिंहानन्द सरस्वती जी महाराज ने आज एक प्रेस वार्ता के माध्यम से बताया कि सम्पूर्ण विश्व के प्राचीनतम पूजा स्थलों में से एक डासना का प्राचीन देवी मंदिर एक नया इतिहास रचने की तैयारी में है।पिछले पांच सालों में नव दुर्गा,दस महाविद्या,माँ बगलामुखी और शतलिंगेश्वर महादेव की स्थापना के बाद अब वहां देवाधिदेव भगवान महादेव शिव की धातु की विश्व की सबसे बड़ी प्रतिमा स्थापित की जाएगी। यति नरसिंहानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि शिव सनातन धर्म के आदि देवता हैं।शिव…

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कल्याण के देवता हैं शिव

कल्याण के देवता हैं शिव

शिव के कई नाम हैं और सभी नामों के अलग अर्थ और अलग महत्व है। वैसे तो कई देवता ऐसे हैं जिनके सहस्र नाम सहजता से पाए जाते हैं किंतु शिव के नामों का अर्थ विस्तार उनकी जन प्रियता का प्रमाण है। उनके ये नाम उनकी उत्पत्ति और सामाजिकता के सूचक हैं। विद्वान उन्हें वैदिक देवता के साथ ही अनार्य देवता भी सिद्ध करते आ रहे हैं। शिव का स्वरूप ही ऐसा है कि कोई उन्हें चाहे तो वैदिक देवता सिद्ध कर दे चाहे तो अवैदिक और अनार्य और आदिवासी…

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